कब रुकेगी छोटी बच्चियों के साथ ये हैवानियत?

कब

सोच, कितना छोटा शब्द है लेकिन आपकी जिंदगी के हर पहलू ,आपसे जुड़ी हर बातों को बयां कर देती है, आपके आसपास के माहौल को प्रभावित करती है और कभी कभी किसी के मान सम्मान और जान की कीमत भी आपकी सोच तय करती है। इंसान की आदत रही है वो गलतियां तो करता है पर मानता नही , गलत करने वालों का बचाव करता है और जो उस गलती से प्रभावित होते हैं उनके मान सम्मान और अस्तित्व पर उंगली उठाता है । यहां गलत करने वाले ताक़तवर होते हैं और अच्छा करने वाले कमजोर , ऐसे लोग महज उंगली के गिनतियों में होते हैं और जो बाकी बचे लगभग सारे , हम और आप जिन्होंने एक मनगढंत परिभाषित दोगले समाज की नींव रखी है जहां के पुरुष समाज का घमंड अपनी माँ बहनों के अस्तित्व पर हीं सवाल उठा देता है । पहले तो जन्म लेता है, अपनी माँ का दूध पीकर अपने खुद के अस्तित्व को पहचानता है और फिर यहीं मर्द जिसे अपनी माँ जैसी सभी स्त्रियों के मान सम्मान को अपनी इज़्ज़त समझनी चाहिए उन्हें ही अपने पैरों की धूल समझने लगता है।


कोई भी धर्म आपको रेप करना नही सिखाता उसे बहुत बड़ा कुकृत्य मानता है, पाप बताता है, लेकिन कटु उपहास की बात ये है कि रेप भी मर्द हीं करते हैं और फिर यहीं मर्द धर्म की आड़ में कभी हिजाब की वकालत करते हैं तो कभी छोटे कपड़ों की वकालत करते हैं और फिर हद तो तब होती है जब वो इसे अपनी मर्दानगी से जोड़ कर एक प्राकर्तिक आपदा जैसा रूप दे देते हैं । तो क्या ये मानना सही है कि कहीं ना कहीं हम सबमें एक बलात्कारी बसता  है ।

अल जजीरा को दिए हुए अपने साक्षात्कार में एक प्रमुख पाकिस्तानी नागरिक समाज कार्यकर्ता , फौज़िया सईद बोलती हैं ," लोगों के लिए यह कितना मुश्किल होता है यह पूछना कि "बलात्कारी ने उस अपराध को क्यों किया? उसने सात साल की लड़की को क्यों मार दिया?" क्या यह कहना मुश्किल है कि एक आदमी को छोटी लड़की के साथ बलात्कार नहीं करना चाहिए ? लोगों को यह स्पष्ठ तौर पर मानने की ज़रूरत है कि यह एक अपराध है और इसके कारणों के पीछे भागना बेवकूफी  है ।
जब ज़ैनाब के बारे में बात करते हैं, तो लोग कह रहे हैं कि उनका सम्मान हटा लिया गया है और ना कि उसका बलात्कार किया गया और वह (पहले वाला ) एक अपराध है। हमारे समाज में एक महिला के खिलाफ हर अपराध गहराई से पितृसत्ता में निहित है, दुख की बात है - यह परिस्थिति में निहित नहीं है।


हमारे देश में, लोग सबसे पहले पीड़ित पर हीं दोष लगाते हैं । वे कहते हैं, "वह ऐसे कपड़ों को क्यों पहने हुए थे?" वह महिला पर ये भी सवाल उठाते हैं की, "ऐसा तब होता है जब महिलाएं अपने सिर को बिना ढके निकल जाती हैं"। यह उनकी घटिया  सोच का स्तर  है। "

सत साल की यह मासूम बच्ची ज़ैनब अंसारी भी हमारी इसी दोगली सोच की भेंट चढ़ गई ।इस दोगली सोच की यह पराकाष्ठा है कि कुछ लोग ये कहते हैं कि उसका चेहरा ढका ना था इसलिए उसके साथ ऐसा हुआ ,  मैं ये सोचता हूँ की अगर कहीं उसका चेहरा भी ढका रहता तो ये समाज के ठेकेदार तब भी ये कहते कि उसके हाथ दिख रहे थे । कुछ लोग धर्म को दोष लगाएंगे तो मैं उनसे यहीं कहूंगा कि रोज जो हिंदुस्तान में हिन्दू लड़कियों का बलात्कार होता है तो आप कौन सी अलग राय रखते हैं और चलिए अगर यहां की सबसे करीबी जो घटना निर्भया के साथ हुई थी उसमें क्या आप लोगों ने बलात्कारियों के बारे में बात करने के पहले उसके चरित्र पे उंगली न उठाई थी उसके असतित्व पर उंगली न उठाई थी। फिर बहुत ऐसे लोग आपको सुनते मिलेंगे की पाकिस्तान तो है हीं ऐसा फिर मैं उनसे यहीं सवाल पूछुंगा की आप किस हक़ से एक देश को निशाना बनाते हैं जब आपके यहाँ , देवियों की ऐसी फौज की पूजा करने वाले भी लड़की की इज़्ज़त नही करते और बलात्कार करते हैं. आप बोलने को तो कुछ भी बोलेंगे क्योंकि गंदगी नफरत आपके खून में है ।

 

This post has been self-published on Be Happy Keep Happy by Rakesh Saini. Anyone can publish on Be Happy Keep Happy. So what are you waiting for? Start writing your thoughts on topics you’re passionate about.



जिनेब अंसारी का शव मंगलवार को पूर्वी पाकिस्तान के कसूर शहर में उसके घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर एक कचरा डंप से मिला, वो भी उसके चार दिन से लापता होने के बाद. ज़ैनब के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके जीभ के कटे होने की बात कही गयी है । रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके साथ पहले जबरदस्ती की गई है और फिर दबाकर मार डाला गया है.ओर अभी हाल ही में जैनब का एक विडियो वायरल हो रहा है. वह जैनब के स्कूल के विडियो है जिसमे वह बेटियों के ऊपर स्पीच देती दिखाई दे रही है. लेकिन उसको क्या पता था कि समाज के कुछ दरिन्दे उसी बेटी को नोचकर खा जायेंगे. पूरी दुनिया इस क्रूर घटना पर झटका व्यक्त कर रही थी, कसुर के लोग सड़कों पर इकट्ठे हुए और इस वीभत्स घटना पर अपना गुस्सा प्रकट किया।
लेकिन अफसोस की बात यह है की, यह कसूर में ऐसी 12वीं घटना थी जिसमें एक लड़की का पहले अपहरण हुआ , फिर बलात्कार करके मार डालने के बाद उसे शहर के कचड़े में फेंक दिया गया हो । ऑस्ट्रेलियाई समाचार संस्था ABC  के अनुसार , ईमान फात्मा (उम्र - 4 साल ) , फौज़िया (उम्र-11 साल), नूर फात्मा(उम्र-7 साल) , आयेशा आसिफ (उम्र-5 साल) , लाइबा (उम्र 9 साल),  सना ओमार (उम्र - 7 साल), और कायनात बतूल (8 साल) भी इस वीभत्स घटना का शिकार हो चुकी हैं और आज ये बच्चियां इस दुनिया मे नही हैं ।
पाकिस्तानी समाचार एजेंसी साहिल के सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर ने एक्सप्रेस थे ट्रिब्यून को बताया कि 2017 में कसूर से रिपोर्ट किये गए बाल उत्पीड़न के कुल 129 मामले सामने आए थे । इनमे 34 अपहरण , 23 बलात्कार , 17 बलत्कार का प्रयास , 6 अपहरण और ब्लात्कार और 4 अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले शामिल हैं. ऐसी अचंभित कर देने वाली रिपोर्ट्स दिल दहला देती हैं लेकिन आखिर इन चीजों के सामने आने के बाद भी प्रशासन क्यों नही जगी बल्कि ये भी बात सामने आ रही कि इस घटना के 2 किलोमीटर के दायरे में हीं इससे पहले 2017 में हीं लगभग 12 घटनाएं हो चुकी है.

 

 

बिल्कुल ऐसा हैं एक दिल दहला देने वाला वाक्या पकपत्तन में हुआ था जहां एक 5 साल की मासूम उम्मी कुलसूम का बलकार करने के बाद मारकर फेंक दिया गया था । पोस्टमार्टम के रिपोर्ट के अनुसार उसके हाथ और पैरों को तोड़ दिया गया था और उसके सरीर के अंगों के साथ बाद हैं जंगली बर्ताव किया गया था । लेकिन आज भी वह बलकारी हत्यारा जिंदा घूम रहा है.

 

बनना तो यहीं है बहस का एक मुद्दा , जिम्मेदार कौन है । बात सोच पर हीं आकर रूक जाती है , वो सोच सरकार की जिसने ऐसी पहली घटना होने के बाद उनको करवाई करने से रोका , वो सोच जिसने लोगों को बिना किसी बात के परवाह किये मामले के अत्ति होने का इंतज़ार करने को कहा , वो अनैतिक सोच जिसने आपको दोषी के कुकृत्य से ज्यादा पीड़ित पर दोष मढ़ने के लिए विवश किया , जिसने आपकी गंदी सोच को रूह के बजाए जिस्म पर केंद्रित कर दिया और ना जाने क्या क्या   ।। फिर बात आएगी की उस बलात्कारी की सोच गंदी थी , अरे जिसके सोचने समझने की छमता हीं नष्ट हो गयी हो जो एक आदमखोर जानवर बन चुका है आप उसको नष्ट करने के बजाए उसकी सोच की परवाह कर रहे । आपसे और हमसे हीं ना ये समाज है तो ऐसे लोग समाज मे पनप कहाँ से जाते हैं । ये घटिया मानसिकता वाले किसी
पाकिस्तान हिंदुस्तान की सरहद
भाई बहन के बंधन
सही गलत के मर्म
से नही रुकने वाले , ये ऐसे जानवर हैं जिनका जिंदा रहना इंसानियत के लिए खतरा है ।।। इन्हें सजा मिलनी हीं चाहिए बल्कि इन्हें जिंदा रहने का भी कोई हक नही ।इन्होंने जो दरिंदगी की है इससे कई अधिक इनके साथ बुरा होना चाहिए ।


काश की सरकार ने जनता ने आज जो किया पहले कर दिया होता तो आज कितनी जिंदगियां बच जाती हमारी प्यारी ज़ैनब की जान बच जाती और उन दो लोगों की जिन्होंने उसके न्याय के लिए आवाज उठाने में अपनी जान गवां दी ।सोच सुनने में छोटी लगती है पर घाव बहुत ज्यादा गहरा कर देती है । आलम यह है कि आज इंसानो से हीं इंसानियत को खतरा सा हो गया है ।

 ज़िन्दगी बहुत हीं अनमोल है आज हमने जिन्हें खोया है हम उन्हें वापस तो नही ला सकते पर ये उम्मीद करते हुए की शायद अगर वो होते तो आपकी दुनिया और खूबसूरत होती लेकिन दुनिया मे ज़ैनब जैसे और भी मासूम बच्चे हैं जिनकी जिंदगी और मौत हमारी जिम्मेदारी है । ज़ैनब के माता पिता तीर्थ यात्रा पर गए थे उन्होंने अपनी बेटी के लिए कितनी मन्नत मांगी होगी पर कभी अंदाज न किया था कि ऐसा भी होगा । हम इंसान जात बस दोष लगाना जानते हैं कभी भगवान पर तो कभी सरकार पर कभी दूसरों पर , जिसदिन हमने खुद पर यकीन कर लिया हम इंसानियत को फिर से कायम कर पाएंगे।

आज हमारी एक छोटी सी गलती हमारे आने वाले कल को और खासकर हमारे बच्चों को प्रभावित कर सकती है इसलिए अपने हर कृत्य का हिसाब रखे , याद रखिये हमारे घर मे भी एक "ज़ैनब" है ।
अगर हम देर सवेर हीं सही अगर जाग जाए तो बदलाव ला सकते हैं । खुद खुश रहे अपने परिवार को खुश रखे ,बच्चों को जागरूक करें , अच्छे माता पिता बने, लोगों में प्रेम बांटे, भेदभाव ना करें । सोच से समाज बनता है इसलिए इसे साफ रखें और ऐसी घटिया सोच को बिल्कुल भी पनपने ना दें ।

दोस्तों उठो, जागो और देखो हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है. थोडा सा सोचकर देखो, अगर ऐसा ही माहोल चलता रहा तो आने वाली पीढियों पर इसका कितना बुरा असर होगा. और ये रेप का ग्राफ हर साल बढ़ता ही जा रहा है. अगर अभी नहीं जागे तो बहुत बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है. 
ज़ैनब के साथ ऐसी दरिंदगी करने वाले को पूरे पब्लिक में फांसी दी जानी चाहिए या नही । ऐसे लोग तब तक नही रुकेंगे जब तक इनके साथ ऐसी हीं क्रूरता बर्बरता ना कि जाए । इस प्यारी छोटी बच्ची को इंसाफ दिलाने में हमारी मदद कीजिये और इस पेटिशन को जरूर साइन कीजिये ।
 https://www.change.org/p/supreme-court-of-pakistan-hang-the-rapists-of-zainab-publicly

 

POST By Rakesh Saini

पोर्न - भारत में बढ़ते रेप की असली वजह
Read More
आज कल का प्यार
Read More
Do you also play PUBG..?
Read More

TRENDING BLOG

पोर्न - भारत में बढ़ते रेप की असली वजह
Read More
आज कल का प्यार
Read More
कब रुकेगी छोटी बच्चियों के साथ ये हैवानियत?
Read More
Do you also play PUBG..?
Read More
Build A Fulfilling Modern Relationship
Read More

Speak up..!!

BHKH is an open platform for all where Indians can Speak up, spread awareness on the evils that our society is facing. So what are you waiting for? Start writing your thoughts on topics you’re passionate about.